प्राकृतिक क्रूर
Surya
वाररविवार
राशिसिंह
उच्चमेष, 10°
नीचतुला, 10°
शरीरजीवन शक्ति, हृदय, अस्थि, दायाँ नेत्र
रत्नमाणिक
- आत्मा, आत्मविश्वास और स्वाभिमान
- पिता, शासन और अधिकारी
- प्रतिष्ठा, पहचान और नेतृत्व
- ताप, दृष्टि और स्वास्थ्य का स्वर
सूर्य बताता है कि व्यक्ति कहाँ दिखाई देना चाहता है और अधिकार कैसे संभालता है। बलवान सूर्य स्थिरता और स्पष्ट कर्तव्य देता है। पीड़ित सूर्य पिता या अधिकारियों से टकराव, अहंकार, या गर्म स्वास्थ्य दिखा सकता है। राशि, भाव और साथ बैठे ग्रहों से पढ़ें। लग्न तय करता है कि यह बल कुंडली में सहायक है या नहीं।
माणिक सूर्य से जुड़ा रत्न है। इसकी चर्चा तब होती है जब सूर्य उस कुंडली में सहायक हो, जैसे लग्नेश या योगकारक। यह सामान्य आभूषण नहीं है। हानिकारक सूर्य पर पहनना अहं और विवाद बढ़ा सकता है।
प्रश्न
सूर्य
सूर्य किस राशि का स्वामी है?
सिंह। उच्च मेष में 10° और नीच तुला में 10°।
क्या सूर्य शुभ ग्रह है?
कुंडलीगिवा के चार्ट में सूर्य प्राकृतिक क्रूर ग्रह है। किसी कुंडली में लग्न से अच्छे भावों का स्वामी होने पर वही सबसे सहायक भी हो सकता है।
सूर्य क्या दर्शाता है?
आत्मा, पिता, सत्ता, प्रतिष्ठा, जीवन शक्ति और दायाँ नेत्र।