सुख
कैसे पढ़ें
- माता, घर और लौटने की जगह
- भूमि, वाहन और घरेलू कार्य
- आराम और मन की शांति
- पारिवारिक संवेदनशीलता पर सावधानी
सुख भाव कुंडली का आधार है। चंद्र प्राकृतिक कारक के रूप में इसे माता, वक्ष और शांति की ज़रूरत से जोड़ते हैं। केन्द्र स्तंभ होता है, इसलिए घर जीवन का बड़ा हिस्सा उठा सकता है। संपत्ति और वाहन चतुर्थेश के साथ यहाँ पढ़े जाते हैं।
जन्म कुंडली में यह भाव लग्न से गिना जाता है। आज के राशिफल में “चंद्र चतुर्थ भाव में” उस राशि से चौथा चंद्र है। यह जन्म का चतुर्थ भाव नहीं है।
प्रथम भाव द्वितीय भाव तृतीय भाव चतुर्थ भाव पंचम भाव षष्ठ भाव सप्तम भाव अष्टम भाव नवम भाव दशम भाव एकादश भाव द्वादश भाव
प्रश्न
चतुर्थ भाव
चतुर्थ भाव क्या दर्शाता है?
माता, घर, भूमि, वाहन, आराम और मन की शांति।
चतुर्थ भाव का कारक कौन है?
चंद्र। चतुर्थेश जन्म कुंडली में इस भाव की राशि का स्वामी ग्रह है।
क्या चतुर्थ भाव केवल संपत्ति है?
संपत्ति और वाहन इसका एक भाग हैं। यही भाव माता और विश्राम का भाव भी है।